September 22, 2026

राहुल गांधी मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी का सदन को स्थगित करना दुर्भाग्यपूर्ण : जयराम

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा की कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के ऊपर सूरत कोर्ट में मानहानि का मामला चल रहा था, जिसके अंतर्गत उन्हें 2 साल की सजा सुनाई गई। इसके उपरांत भारत के संविधान के अनुच्छेद 102 (1) रिप्रेजेंटेशन आफ पीपल्स एक्ट 1951 की धारा 8 के अंतर्गत स्पष्ट लिखा है को अगर किसी सांसद या विधायक को किसी अपराध में दोषी ठहराया जाता है और उसे 2 साल या इससे ज्यादा समय के लिए सजा सुनाई जाती है तो उसकी संसद या विधानसभा की सदस्यता खत्म हो जाती है।
इससे स्पष्ट है कि राहुल गांधी की सदस्यता किसी राजनीतिक प्रेरणा से समाप्त नहीं की गई है अन्यथा भारत के संविधान के तहत समाप्त की गई है।
अगर यह निर्णय सामने आया है तो कोर्ट के आदेशों और संविधान की पालना के अनुरूप आया है, पर कल जो विधानसभा में हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था जब प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री जो संविधानिक पदों पर रहकर विधानसभा का बहिष्कार करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए बाहर निकल गए, यह सरकार के संविधानिक पदों पर बैठे प्रतिनिधियों को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल ने पॉइंट ऑफ आर्डर के अंतर्गत राहुल गांधी मुद्दे पर चर्चा की मांग की पर सभी कांग्रेस के नेता विधानसभा से उठ गए और विधानसभा के हाउस को स्थगित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि किसी सांसद ने अपनी सदस्यता इस कानून के अंतर्गत रद्द की गई है, 1976 में सुब्रह्मण्यन स्वामी, 1978 में इंदिरा गांधी, 2005 में 11 सांसद, 2013 में लालू प्रसाद यादव जैसे कई नेताओं ने अपनी सदस्यता इस कानून के अंतर्गत खोई है।

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