August 28, 2026

आईजीएमसी के ‘स्टिमुलस’ के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

प्रदेश में 30 नवंबर तक बनेगा प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य पहचान-पत्रः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला के वार्षिक कार्यक्रम ‘स्टिमुलस’ के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि 30 नवंबर तक राज्य में प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य पहचान-पत्र (हेल्थ आईडी कार्ड) तैयार कर लिया जाएगा, जिसमें मरीज की स्वास्थ्य सम्बंधी पूरी जानकारी होगी। यह चार दिवसीय कार्यक्रम ‘स्टिमुलस’ 10 अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही है। आईजीएमसी शिमला में आगामी एक वर्ष में उच्च स्तरीय अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसन स्थापित किया जा रहा है। सुपर स्पेशएलिटी अस्पताल चमयाणा और आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश सरकार पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है और आधुनिक उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं।

युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित करते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जीवन में हार से घबराने की आवश्यकता नहीं होती तथा सभी प्रशिक्षु लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि मेहनत के बिना जीवन में किसी भी मुकाम तक नहीं पहुंचा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अपने छात्र काल के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों से ही वह राजनीति से जुड़ गए तथा इसी क्षेत्र में आगे जाने का लक्ष्य रखा था। छात्र जीवन में उन्होंने कई चुनाव लड़े और शिमला नगर निगम में पार्षद भी रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अनेक पदों पर उन्होंने कई उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया और वर्ष 2003 में विधायक का चुनाव जीता। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश का अध्यक्ष बनने का भी उन्हें अवसर दिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईजीएमसी शिमला की एससीए को 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार भी वितरित किये।

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